कितना धंधा तू कर पाया – Exclusive For Hindi Lovers
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कितना धंधा तू कर पाया – Exclusive For Hindi Lovers

कितना धंधा तू कर पाया  कैसा धंधा देश मे चलाया   बात यह बड़ी विशेष हैं  रो पड़ा हमारा देश ये  बोल के देने पंद्रह लाख  झूठ कहा फिर भी लाख  ज़ुल्म न तेरा चल पाएगा  सच तू कहाँ छिपा पाएगा  हार होगी एक दिन तेरी  ख़त्म होगी लूट तेरी  Rate This Lyrics More Stanzas Will Be Added Soon सोच बदल न पाई खुद की  कहाँ कहाँ खाई मुख़्खी   मुँह खोलो और ज़ोर से बोलो जब जनता ने सवाल उठाया  देश को झोंक दिया अंगार में  विवाद सारे चलने लगे  दाम भी ज़्यादा बड़ ने लगे  रुसवाई जग में होने लगी   कैसा अपना रुप बनाया   ज़ोर लगाया बहुत कमाया  और सच को कितना छुपाया जब जनता ने ध्यान लगाया  ये फिर भी हो कैसे पाया  कितना धंधा तू कर पाया   बस खुद का हि नाम चलाया  और चेहरा जब सामने आया …